भास्कर गाइड:खेतों में डालें अच्छी सड़ी हुई गोबर खाद, नहीं तो बढ़ जाएगी लागत
मप्र के ग्रामीण इलाकों में किसान साल भर गोबर एक जगह इकट्ठा करते हैं और मई-जून में उसे खेत में फैला देते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि ऊपर से सूखा दिखने वाला गोबर अंदर से कच्चा होता है। यह कच्चा गोबर खेत में जाकर मिट्टी का तापमान बढ़ा देता है और 'सफेद लट' व दीमक जैसे कीट पैदा करता है। दरअसल, कच्चे गोबर की गंध से आकर्षित होकर 'रूट बोरर' और 'व्हाइट ग्रब' (सफेद लट) के भृंग मिट्टी में अंडे दे देते हैं। इसके बाद जब मानसून की पहली बारिश होती है, तो ये अंडे सक्रिय होकर लट बन जाते हैं और फसलों की जड़ों को प
मप्र के ग्रामीण इलाकों में किसान साल भर गोबर एक जगह इकट्ठा करते हैं और मई-जून में उसे खेत में फैला देते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि ऊपर से सूखा दिखने वाला गोबर अंदर से कच्चा होता है। यह कच्चा गोबर खेत में जाकर मिट्टी का तापमान बढ़ा देता है और 'सफेद लट' व दीमक जैसे कीट पैदा करता है। दरअसल, कच्चे गोबर की गंध से आकर्षित होकर 'रूट बोरर' और 'व्हाइट ग्रब' (सफेद लट) के भृंग मिट्टी में अंडे दे देते हैं। इसके बाद जब मानसून की पहली बारिश होती है, तो ये अंडे सक्रिय होकर लट बन जाते हैं और फसलों की जड़ों को प
Source: Bhaskar
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