Politics



भाषा केवल शब्दों का संसार नहीं, किसी समाज की संस्कृति, स्मृतियों और पहचान का आधार है
मोनिका भाम्भू कलाना अपने इस लेख में बता रही हैं कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, मिथकों, अनुभवों और सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत भंडार है। इसलिए भाषा का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों की पहचान बचाने का भी प्रश्न है।
जनसत्ता2 Aug 2026, 02:13👁 0 views

Advertisement
मोनिका भाम्भू कलाना अपने इस लेख में बता रही हैं कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, मिथकों, अनुभवों और सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत भंडार है। इसलिए भाषा का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों की पहचान बचाने का भी प्रश्न है।
Source: Jansatta
Advertisement
Related News

Politics
'प्रशांत किशोर मान चुके हार, इसलिए कर रहे ड्रामा', बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों से पहले एनडीए नेताओं ने दिया जवाब
12 hours ago

Politics
Delhi Laxmi Yojana: हर महीने ₹2500 पाने के लिए MP या MLA की सिफारिश जरूरी, जानें पात्रता, दस्तावेज और आवेदन का पूरा तरीका
12 hours ago
Politics
'पूछ-प्रतिष्ठा उसकी होती है, जो एक खूंटे से बंधा हो': विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- कुशवाह समाज इधर-उधर गुलाटी मारता रहा, इससे विश्वसनीयता खंडित हुई
12 hours ago

Politics
पहले सोमवार पर इस मुहूर्त में करें महादेव की पूजा
12 hours ago