भारत को ‘निर्वाचित निरंकुशता’ के रूप में क्यों आंका गया है?
एसआर दारापुरी भारत को लंबे समय तक विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में सम्मान प्राप्त रहा है। 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से देश ने नियमित चुनावों, शांतिपूर्ण सत्ता-हस्तांतरण, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार तथा लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखा है। किंतु हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र-अध्ययन संस्थाओं, विशेष रूप से वेराइटीज़ ऑफ़ [...]
एसआर दारापुरी भारत को लंबे समय तक विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में सम्मान प्राप्त रहा है। 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से देश ने नियमित चुनावों, शांतिपूर्ण सत्ता-हस्तांतरण, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार तथा लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखा है। किंतु हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र-अध्ययन संस्थाओं, विशेष रूप से वेराइटीज़ ऑफ़ [...]
Source: Agnialok
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