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बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन, गायकी से हुई घर-घर मशहूर, दिलीप कुमार की दीवानगी में बनी हीरोइन

टुन टुन हिंदी सिनेमा की पहली महिला कॉमेडियन थीं. सबको हंसाने वाली कलाकार का बचपन त्रासदी से भरा था. वे जब छोटी थीं, तब उनके माता-पिता की हत्या हो गई. वे सिंगर बनने मुंबई आईं और नौशाद के संगीत में 'अफसाना लिख रही हूं' जैसे सुपरहिट गाने गाए. जब नौशाद ने उन्हें एक्टिंग की सलाह दी, तो उन्होंने पहली फिल्म दिलीप कुमार के साथ करने की अनूठी शर्त रखी. साल 1950 में फिल्म 'बाबुल' से उनका नाम टुन टुन पड़ा. उन्होंने 5 दशक लंबे करियर में 'प्यासा' और 'नमक हलाल' जैसी 200 फिल्मों में दिलचस्प रोल निभाए.

abhishek nagar10 Jul 2026, 22:31👁 0 views
बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन, गायकी से हुई घर-घर मशहूर, दिलीप कुमार की दीवानगी में बनी हीरोइन
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टुन टुन हिंदी सिनेमा की पहली महिला कॉमेडियन थीं. सबको हंसाने वाली कलाकार का बचपन त्रासदी से भरा था. वे जब छोटी थीं, तब उनके माता-पिता की हत्या हो गई. वे सिंगर बनने मुंबई आईं और नौशाद के संगीत में 'अफसाना लिख रही हूं' जैसे सुपरहिट गाने गाए. जब नौशाद ने उन्हें एक्टिंग की सलाह दी, तो उन्होंने पहली फिल्म दिलीप कुमार के साथ करने की अनूठी शर्त रखी. साल 1950 में फिल्म 'बाबुल' से उनका नाम टुन टुन पड़ा. उन्होंने 5 दशक लंबे करियर में 'प्यासा' और 'नमक हलाल' जैसी 200 फिल्मों में दिलचस्प रोल निभाए.

Source: News 18 Hindi

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