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बंदूक छूटी तो लौटी जिंदगी: आत्मसमर्पित नक्सलियों को फिर मिला परिवार और पिता बनने का सुख

Naxalism: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित नक्सलियों की जिंदगी बदल रही है। रिवर्स वासेक्टॉमी अभियान से 73 पूर्व नक्सलियों को दोबारा पिता बनने की उम्मीद मिली है। सामूहिक विवाह समारोहों के जरिए वे समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जहां बंदूक की जगह अब सिंदूर, परिवार और नई जिंदगी के सपने ने ले ली है।

anurag animesh21 Jun 2026, 23:14👁 0 views
बंदूक छूटी तो लौटी जिंदगी: आत्मसमर्पित नक्सलियों को फिर मिला परिवार और पिता बनने का सुख
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Naxalism: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित नक्सलियों की जिंदगी बदल रही है। रिवर्स वासेक्टॉमी अभियान से 73 पूर्व नक्सलियों को दोबारा पिता बनने की उम्मीद मिली है। सामूहिक विवाह समारोहों के जरिए वे समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जहां बंदूक की जगह अब सिंदूर, परिवार और नई जिंदगी के सपने ने ले ली है।

Source: Patrika News

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