फ्रोजन भ्रूण मामलों में उम्र सीमा बाधक नहीं : हाईकोर्ट:नए सरोगेसी कानून से पहले शुरू हुए मामलों में सीएमओ को निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरोगेसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन दंपतीयों ने नया सरोगेसी कानून लागू होने से पहले आईवीएफ (IVF) प्रक्रिया शुरू कर दी थी और उनके भ्रूण (फ्रोजन एम्ब्रियो) पहले से सुरक्षित हैं, उनके मामले में केवल अधिक उम्र के आधार पर सरोगेसी की अनुमति नहीं रोकी जा सकती। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों पर विचार कर निर्णय लिया जाना चाहिए। केवल आयु सीमा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरोगेसी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन दंपतीयों ने नया सरोगेसी कानून लागू होने से पहले आईवीएफ (IVF) प्रक्रिया शुरू कर दी थी और उनके भ्रूण (फ्रोजन एम्ब्रियो) पहले से सुरक्षित हैं, उनके मामले में केवल अधिक उम्र के आधार पर सरोगेसी की अनुमति नहीं रोकी जा सकती। न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रत्येक मामले के तथ्यों पर विचार कर निर्णय लिया जाना चाहिए। केवल आयु सीमा
Source: Bhaskar
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