पेरेंटिंग- बेटा बड़ा हो रहा है:डरती हूं, कहीं गलत संगत में न पड़ जाए, उसे सही-गलत में फर्क करना, अच्छे दोस्त चुनना कैसे सिखाएं
सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरा बेटा 12 साल का है। हाल ही में उसका स्कूल बदला है। उसने वहां कुछ नए दोस्त बनाए हैं और अब उन्हीं के साथ ज्यादा समय बिताता है। एक मां होने के नाते मुझे खुशी है कि वह घुल-मिल रहा है, लेकिन यह चिंता भी रहती है कि कहीं वह गलत संगत में न पड़ जाए। मैं हर दोस्त की जांच-पड़ताल भी नहीं करना चाहती। मेरा सवाल ये है कि बच्चों को कैसे समझाएं कि कौन-सी दोस्ती उनके लिए अच्छी है? किस तरह के लोगों से दूरी बनाना बेहतर है? एक्सपर्ट- रिद्धि दोषी पटेल, चाइल्ड एंड पेरेंटिंग साइकोलॉजिस्ट, मुं
सवाल- मैं लखनऊ से हूं। मेरा बेटा 12 साल का है। हाल ही में उसका स्कूल बदला है। उसने वहां कुछ नए दोस्त बनाए हैं और अब उन्हीं के साथ ज्यादा समय बिताता है। एक मां होने के नाते मुझे खुशी है कि वह घुल-मिल रहा है, लेकिन यह चिंता भी रहती है कि कहीं वह गलत संगत में न पड़ जाए। मैं हर दोस्त की जांच-पड़ताल भी नहीं करना चाहती। मेरा सवाल ये है कि बच्चों को कैसे समझाएं कि कौन-सी दोस्ती उनके लिए अच्छी है? किस तरह के लोगों से दूरी बनाना बेहतर है? एक्सपर्ट- रिद्धि दोषी पटेल, चाइल्ड एंड पेरेंटिंग साइकोलॉजिस्ट, मुं
Source: Bhaskar
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