Breaking
NEET Re-Exam 2026: परीक्षा को लेकर भोपाल में ट्रैफिक अलर्ट! यातायात पुलिस ने लोगों से की खास अपीलCrime Alert : गुमशुदा बुजुर्ग की हत्या कर आग लगाई, शव पूरी तरह जलने तक करते रहे निगरानी; 3 गिरफ्तार - dainiktribuneonline.comCCTV Viral Video: छोटी सी गलती और फिर बड़ा हादसा, इतना भयानक एक्सीडेंट देख काँप जाएगी रूहनीट यूजी परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 11 केंद्रों पर 5088 परीक्षार्थी देंगे परीक्षाआरा में NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के साथ होगी एग्जाम, कंट्रोल रूम रहेगा सक्रियIndia vs Afghanistan, 3rd ODI Match Live Streaming In India: क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगा भारत, यहां जानें कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मुकाबले का लुफ्तNEET Re-Exam 2026: परीक्षा को लेकर भोपाल में ट्रैफिक अलर्ट! यातायात पुलिस ने लोगों से की खास अपीलCrime Alert : गुमशुदा बुजुर्ग की हत्या कर आग लगाई, शव पूरी तरह जलने तक करते रहे निगरानी; 3 गिरफ्तार - dainiktribuneonline.comCCTV Viral Video: छोटी सी गलती और फिर बड़ा हादसा, इतना भयानक एक्सीडेंट देख काँप जाएगी रूहनीट यूजी परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 11 केंद्रों पर 5088 परीक्षार्थी देंगे परीक्षाआरा में NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के साथ होगी एग्जाम, कंट्रोल रूम रहेगा सक्रियIndia vs Afghanistan, 3rd ODI Match Live Streaming In India: क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगा भारत, यहां जानें कब, कहां और कैसे उठाएं लाइव मुकाबले का लुफ्त
Sports

पल्लवी देहुरी: राष्ट्रीय स्तर की धावक को मजबूरी में बनना पड़ा बस ड्राइवर

क्योंझर, 19 जून (आईएएनएस)। हर एथलीट का सपना होता है कि वह अपने खेल में कड़ी मेहनत करे और सबसे बड़ी सफलता हासिल करे। कई एथलीट ऐसे भी हैं जिन्हें प्रतिभा के बावजूद पारिवारिक परिस्थितियों और बाध्यताओं की वजह से खेल के क्षेत्र में आगे जाने का मौका नहीं मिलता, और देश का प्रतिनिधित्व करने की जगह वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने में लग जाते हैं। पल्लवी देहुरी की कहानी भी ऐसी है।

samacharnama desk19 Jun 2026, 15:42👁 0 views
पल्लवी देहुरी: राष्ट्रीय स्तर की धावक को मजबूरी में बनना पड़ा बस ड्राइवर
Advertisement

क्योंझर, 19 जून (आईएएनएस)। हर एथलीट का सपना होता है कि वह अपने खेल में कड़ी मेहनत करे और सबसे बड़ी सफलता हासिल करे। कई एथलीट ऐसे भी हैं जिन्हें प्रतिभा के बावजूद पारिवारिक परिस्थितियों और बाध्यताओं की वजह से खेल के क्षेत्र में आगे जाने का मौका नहीं मिलता, और देश का प्रतिनिधित्व करने की जगह वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने में लग जाते हैं। पल्लवी देहुरी की कहानी भी ऐसी है।

Source: Samacharnama

Advertisement

Related News