पर्यावरणीय संकट से समाधान की ओर बढ़ने का समय
5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य को बचाने का वैश्विक संकल्प है। वर्ष 2026 का विश्व पर्यावरण दिवस ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण, जल संकट, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के अस्तित्व को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। इस वर्ष की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण का अंत” (ठमंज च्संेजपब च्वससनजपवद) केवल प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आह्वान नहीं है, बल

5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य को बचाने का वैश्विक संकल्प है। वर्ष 2026 का विश्व पर्यावरण दिवस ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण, जल संकट, वायु प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के अस्तित्व को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। इस वर्ष की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण का अंत” (ठमंज च्संेजपब च्वससनजपवद) केवल प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आह्वान नहीं है, बल
Source: Prabhasakshi
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