पर्दे पर अमर कहानियां, जिंदगी में गहरा दर्द... ऐसी थी गुरु दत्त की दास्तान
मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। 9 जुलाई... यह सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस महान कलाकार को याद करने का दिन है, जिसने पर्दे पर ऐसी कहानियां रचीं, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। गुरु दत्त का नाम हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा फिल्मकारों में लिया जाता है, जिन्होंने फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं माना, बल्कि उन्हें समाज, भावनाओं और इंसानी रिश्तों का आईना बनाया।

मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। 9 जुलाई... यह सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस महान कलाकार को याद करने का दिन है, जिसने पर्दे पर ऐसी कहानियां रचीं, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। गुरु दत्त का नाम हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा फिल्मकारों में लिया जाता है, जिन्होंने फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं माना, बल्कि उन्हें समाज, भावनाओं और इंसानी रिश्तों का आईना बनाया।
Source: Aapkarajasthan
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