Breaking
राशन को लेकर खाद्य विभाग का अलर्ट, 31 जुलाई तक उठाएं जुलाई माह का कोटाSHKH Spoiler Alert: माहिद ने रखी कंडीशन, सहर के लिए ये प्यार या सजा?CJP Protest LIVE: PM आवास के बाहर राहुल गांधी-प्रियंका गांधी हिरासत में, कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता विजेता दहिया बर्खास्तपीबीएम से बड़ी खबर, वेंटिलेटर पर रही एक और महिला की मौतबड़ी खबर: पुलिस-गैंगस्टर में मुठभेड़, हार्डकोर बदमाश के पैर में लगी गोली, हॉस्पिटल के बाहर पुलिस तैनातराजस्थान के 8 जिलों पर मंडरा रहा डेंगू-मलेरिया का खतरा; स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्टराशन को लेकर खाद्य विभाग का अलर्ट, 31 जुलाई तक उठाएं जुलाई माह का कोटाSHKH Spoiler Alert: माहिद ने रखी कंडीशन, सहर के लिए ये प्यार या सजा?CJP Protest LIVE: PM आवास के बाहर राहुल गांधी-प्रियंका गांधी हिरासत में, कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता विजेता दहिया बर्खास्तपीबीएम से बड़ी खबर, वेंटिलेटर पर रही एक और महिला की मौतबड़ी खबर: पुलिस-गैंगस्टर में मुठभेड़, हार्डकोर बदमाश के पैर में लगी गोली, हॉस्पिटल के बाहर पुलिस तैनातराजस्थान के 8 जिलों पर मंडरा रहा डेंगू-मलेरिया का खतरा; स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्ट
Entertainment

नसीरुद्दीन शाह@76: पाकिस्तानी लड़की से छिपकर शादी की:दोस्त ने जलन में मारा चाकू, मां ने पूछा था- क्या रत्ना मुस्लिम बनेगी?

साल 1960 के दशक की बात है। एक दुबला-पतला लड़का था, जिसे एक्टर बनने के लिए मुंबई जाना था। एक दिन उनके एक दोस्त की गर्लफ्रेंड का पत्र आया कि मुंबई आ जाओ, मेरे पापा फिल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं, वो तुम्हारी मदद करेंगे। जिसके बाद वो मुंबई के निकल पड़ा। हालांकि जिस लड़की के भरोसे वो मुंबई पहुंचा, वो खुद बेहद साधारण जिंदगी जी रही थी। जिसके बाद उसने कुछ दिन रिश्तेदार के घर गुजारे, फिर वहां से भी जाना पड़ा। जेब खाली हुई तो जरी की फैक्ट्री के हॉल में रातें बिताईं। जहां वो तीस-चालीस लोगों के साथ फर्श

अभय पांडेय19 Jul 2026, 23:00👁 0 views
नसीरुद्दीन शाह@76: पाकिस्तानी लड़की से छिपकर शादी की:दोस्त ने जलन में मारा चाकू, मां ने पूछा था- क्या रत्ना मुस्लिम बनेगी?
Advertisement

साल 1960 के दशक की बात है। एक दुबला-पतला लड़का था, जिसे एक्टर बनने के लिए मुंबई जाना था। एक दिन उनके एक दोस्त की गर्लफ्रेंड का पत्र आया कि मुंबई आ जाओ, मेरे पापा फिल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं, वो तुम्हारी मदद करेंगे। जिसके बाद वो मुंबई के निकल पड़ा। हालांकि जिस लड़की के भरोसे वो मुंबई पहुंचा, वो खुद बेहद साधारण जिंदगी जी रही थी। जिसके बाद उसने कुछ दिन रिश्तेदार के घर गुजारे, फिर वहां से भी जाना पड़ा। जेब खाली हुई तो जरी की फैक्ट्री के हॉल में रातें बिताईं। जहां वो तीस-चालीस लोगों के साथ फर्श

Source: Bhaskar

Advertisement

Related News