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.तो मशीनें हमारी भाषा भी छीन लेंगी?

.तो मशीनें हमारी भाषा भी छीन लेंगी? - रविकान्त राऊत यदि आज से बीस वर्ष पहले कोई आपसे कहता कि आप जापान के किसी व्यक्ति से उसकी भाषा जाने बिना सहज बातचीत कर सकेंगे, जर्मन भाषा में लिखे शोध-पत्र को कुछ सेकंड में हिंदी में पढ़ सकेंगे, या दुनिया के किसी भी देश का समाचार अपनी मातृभाषा में तुरंत समझ पाएँगे, तो शायद आप इसे विज्ञान-कथा मानते। लेकिन आज यह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। हम अक्सर गूगल ट्रांसलेट या चैटजीपीटी जैसे उपकरणों का उपयोग तो करते हैं, पर शायद ही कभी यह सोचते हैं कि

news prahari13 Aug 2026, 04:11👁 0 views
.तो मशीनें हमारी भाषा भी छीन लेंगी?
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.तो मशीनें हमारी भाषा भी छीन लेंगी? - रविकान्त राऊत यदि आज से बीस वर्ष पहले कोई आपसे कहता कि आप जापान के किसी व्यक्ति से उसकी भाषा जाने बिना सहज बातचीत कर सकेंगे, जर्मन भाषा में लिखे शोध-पत्र को कुछ सेकंड में हिंदी में पढ़ सकेंगे, या दुनिया के किसी भी देश का समाचार अपनी मातृभाषा में तुरंत समझ पाएँगे, तो शायद आप इसे विज्ञान-कथा मानते। लेकिन आज यह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। हम अक्सर गूगल ट्रांसलेट या चैटजीपीटी जैसे उपकरणों का उपयोग तो करते हैं, पर शायद ही कभी यह सोचते हैं कि

Source: Newsprahari

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