Breaking
UP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 8 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचारआज की ताजा खबर LIVE: पीएम मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगेWeather Update: दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट, वाशिम में 2 साल बाद मिले खोए पैसे और गिर में सड़कों पर दिखे शेरमहागामा में 7 दिनों तक हाई अलर्टLiverpool का साथ छोड़ Mohamed Salah ने चुनी नई राह, Trabzonspor के साथ 2 साल का Contract साइनऑनलाइन क्लास, ऑफिस वर्क और मल्टीटास्किंग के लिए सस्ते में खरीदें ये बेहतरीन Laptop, अमेज़न पर डील लाइवUP News Today Live: उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 8 अगस्त के मुख्य और ताजा समाचारआज की ताजा खबर LIVE: पीएम मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगेWeather Update: दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट, वाशिम में 2 साल बाद मिले खोए पैसे और गिर में सड़कों पर दिखे शेरमहागामा में 7 दिनों तक हाई अलर्टLiverpool का साथ छोड़ Mohamed Salah ने चुनी नई राह, Trabzonspor के साथ 2 साल का Contract साइनऑनलाइन क्लास, ऑफिस वर्क और मल्टीटास्किंग के लिए सस्ते में खरीदें ये बेहतरीन Laptop, अमेज़न पर डील लाइव
Uttar Pradesh

जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर 25000 का जुर्माना:हाईकोर्ट ने उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने पर कार्रवाई की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम जौनपुर के खिलाफ 25 हजार रूपये हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना उपभोक्ता को परेशान करने के लिए लगाया गया है। जौनपुर की "ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर" कंपनी ने अपने कमर्शियल बिजली कनेक्शन को लेकर बार-बार निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की शुरुआत तब हुई जब लोड बढ़ाने के बाद निगम ने दो साल बाद बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी, जबकि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी। जानिये क्या है

दैनिक भास्कर7 Aug 2026, 19:39👁 0 views
जौनपुर के अधिशासी अभियंता पर 25000 का जुर्माना:हाईकोर्ट ने उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने पर कार्रवाई की
Advertisement

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिशासी अभियंता विद्युत निगम जौनपुर के खिलाफ 25 हजार रूपये हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना उपभोक्ता को परेशान करने के लिए लगाया गया है। जौनपुर की "ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर" कंपनी ने अपने कमर्शियल बिजली कनेक्शन को लेकर बार-बार निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की शुरुआत तब हुई जब लोड बढ़ाने के बाद निगम ने दो साल बाद बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी, जबकि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी। जानिये क्या है

Source: Bhaskar

Advertisement

Related News