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जीएसटी राशि जमा करने में देरी के मामले में हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह व्यवस्था दी है कि यदि किसी मामले में आरोप केवल जीएसटी अथवा टीडीएस कटौती के बाद उसकी समय से जमा न करने तक सीमित हो और उसमें गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी या सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे आरोप न हों, तो ऐसे मामले में भारतीय न्याय संहिता की सामान्य दंडात्मक धाराओं के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा चलाना विधिसम्मत नहीं होगा। न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए जीएसटी एक्ट, 2017 स्वयं एक पूर्ण और विशेष कानून है, जिसमें दंड, ब्याज, अभियोजन एवं अन्य वैधान

shishir patel20 Jun 2026, 16:43👁 0 views
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प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह व्यवस्था दी है कि यदि किसी मामले में आरोप केवल जीएसटी अथवा टीडीएस कटौती के बाद उसकी समय से जमा न करने तक सीमित हो और उसमें गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी या सरकारी धन के दुरुपयोग जैसे आरोप न हों, तो ऐसे मामले में भारतीय न्याय संहिता की सामान्य दंडात्मक धाराओं के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा चलाना विधिसम्मत नहीं होगा। न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए जीएसटी एक्ट, 2017 स्वयं एक पूर्ण और विशेष कानून है, जिसमें दंड, ब्याज, अभियोजन एवं अन्य वैधान

Source: Tarun Mitra

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