'जिंदा हैं तो लौटा दो, मर गए तो डेथ सर्टिफिकेट दे दो': पाकिस्तानी सेना के जुल्मों के खिलाफ बलोच एक्टिविस्ट सम्मी दीन का खुला पत्र, बयां किया 17 साल का दर्द!
बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ बलोच नागरिकों का गुस्सा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. बलोच विद्रोह और आजादी की आवाज को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा निर्दयता के साथ किए जा रहे अपहरण, जबरन गुमशुदगी (Enforced Disappearances) और 'किल एंड डंप' नीति के खिलाफ प्रमुख बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मी दीन बलोच (Sammi Deen Baloch) ने एक दिल दहला देने वाला खुला पत्र लिखा है. अपने इस पत्र के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार और सेना से अपने लापता पिता को लेकर कड़

बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ बलोच नागरिकों का गुस्सा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. बलोच विद्रोह और आजादी की आवाज को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा निर्दयता के साथ किए जा रहे अपहरण, जबरन गुमशुदगी (Enforced Disappearances) और 'किल एंड डंप' नीति के खिलाफ प्रमुख बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मी दीन बलोच (Sammi Deen Baloch) ने एक दिल दहला देने वाला खुला पत्र लिखा है. अपने इस पत्र के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार और सेना से अपने लापता पिता को लेकर कड़
Source: Ni News India
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