जरूरत की खबर- 13 सवालों में समझें आंसू-गैस का साइंस:अगर एक्सपोजर हो तो ऐसे करें बचाव, न करें ये 7 गलतियां, बता रहे हैं डॉक्टर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अक्सर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि यह हमारी शरीर पर किस तरह असर करती है। आंसू गैस कोई साधारण धुआं या गैस नहीं, बल्कि रासायनिक कणों का मिश्रण है, जो आंख, स्किन और रेस्पिरेटरी सिस्टम को
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं देखने को मिलीं। विरोध-प्रदर्शनों के दौरान अक्सर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि यह हमारी शरीर पर किस तरह असर करती है। आंसू गैस कोई साधारण धुआं या गैस नहीं, बल्कि रासायनिक कणों का मिश्रण है, जो आंख, स्किन और रेस्पिरेटरी सिस्टम को
Source: Bhaskar
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