जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ते फूड पॉइजनिंग के केस:ये 7 लक्षण इग्नोर न करें, बचाव के लिए 12 सावधानियां, बता रहे हैं डॉक्टर
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग ज्यादा होती है। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स और ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) के मुताबिक, मानसून के दौरान ई.कोली और सल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। बढ़ी हुई नमी, जलभराव और दूषित भोजन-पानी इसके मुख्य कारण हैं। इस कारण फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमा
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है। इससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस जल्दी पनपते हैं। यही वजह है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग ज्यादा होती है। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स और ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (FSSAI) के मुताबिक, मानसून के दौरान ई.कोली और सल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। बढ़ी हुई नमी, जलभराव और दूषित भोजन-पानी इसके मुख्य कारण हैं। इस कारण फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा के मामले बढ़ जाते हैं। हालांकि कुछ बुनियादी सावधानियां अपनाकर इन बीमा
Source: Bhaskar
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