चीन ने 20 साल में कैसे सुधारा अपना एजुकेशन सिस्टम? कोचिंग माफियाओं का टंटा ही खत्म, गाओकाओ को बनाया रीढ़
दो दशक पहले चीन का शिक्षा तंत्र भी रट्टा मार पढ़ाई, प्राइवेट कोचिंग के दबाव और सामाजिक असमानता की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था. इन चुनौतियों से निपटने के लिए चीन ने 'डबल रिडक्शन' नीति के जरिए मुनाफाखोर कोचिंग सेंटरों पर लगाम कसी और 'गाओकाओ' जैसी पारदर्शी प्रवेश परीक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर पर लागू किया, जिसमें धोखाधड़ी पर सख्त सजा का प्रावधान है. इसके साथ ही बजट बढ़ाकर जीडीपी का 4% शिक्षा पर खर्च किया गया और 'प्रोजेक्ट 211' व वोकेशनल ट्रेनिंग से यूनिवर्सिटीज को मजबूत बनाया. अब 97% से अधि

दो दशक पहले चीन का शिक्षा तंत्र भी रट्टा मार पढ़ाई, प्राइवेट कोचिंग के दबाव और सामाजिक असमानता की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था. इन चुनौतियों से निपटने के लिए चीन ने 'डबल रिडक्शन' नीति के जरिए मुनाफाखोर कोचिंग सेंटरों पर लगाम कसी और 'गाओकाओ' जैसी पारदर्शी प्रवेश परीक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर पर लागू किया, जिसमें धोखाधड़ी पर सख्त सजा का प्रावधान है. इसके साथ ही बजट बढ़ाकर जीडीपी का 4% शिक्षा पर खर्च किया गया और 'प्रोजेक्ट 211' व वोकेशनल ट्रेनिंग से यूनिवर्सिटीज को मजबूत बनाया. अब 97% से अधि
Source: News 18 Hindi
Related News

Saurav Das Qualification: CJP के प्रवक्ता सौरव दास की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है?
सनातन धर्म इंटर कॉलेज में चित्रकला कार्यशाला का समापन, 110 प्रशिक्षुओं ने प्रदर्शित की प्रतिभा

दिल्ली विश्वविद्यालय UG एडमिशन... दूसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट कल होगी जारी, जानें पूरी प्रक्रिया
