क्या सचमुच भीम चलाते थे यह चक्की? सिरोही के मंदिर में मौजूद है अनोखा प्रमाण, जानें महाभारत काल से जुड़ा रहस्य
Bheem Chakki Rishikesh Temple Sirohi: राजस्थान के सिरोही जिले के उमरनी गांव में स्थित प्राचीन ऋषिकेश मंदिर में रखी 'भीम चक्की' भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है. महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर में स्थापित यह चक्की पत्थर और धातु के तीन भागों से बनी है. इसके विशाल आकार और भारी वजन के कारण मान्यता है कि इसे केवल महाबली भीम ही चला सकते थे. इस मंदिर को 'आदि द्वारिका' भी कहा जाता है, जहां राजा अम्बरीश ने तपस्या की थी. आज भी यह प्राचीन धरोहर इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल का विषय है.

Bheem Chakki Rishikesh Temple Sirohi: राजस्थान के सिरोही जिले के उमरनी गांव में स्थित प्राचीन ऋषिकेश मंदिर में रखी 'भीम चक्की' भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है. महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर में स्थापित यह चक्की पत्थर और धातु के तीन भागों से बनी है. इसके विशाल आकार और भारी वजन के कारण मान्यता है कि इसे केवल महाबली भीम ही चला सकते थे. इस मंदिर को 'आदि द्वारिका' भी कहा जाता है, जहां राजा अम्बरीश ने तपस्या की थी. आज भी यह प्राचीन धरोहर इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल का विषय है.
Source: News 18 Hindi
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