क्या बांग्लादेश बॉर्डर वाले गांवों में लूटपाट-छेड़छाड़ रुकी:जमीन मिली लेकिन फेंसिंग मुश्किल, रास्ता बदलती नदी, BSF कैंप डूबा
बात 11 अगस्त की है, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में रहने वाले सचिन कर्मकार और नारायण देव खेत में काम कर रहे थे। तभी बांग्लादेशियों का झुंड गांव में घुसा और दोनों को अगवा कर ले गया। इससे पहले 8 अगस्त को जलपाईगुड़ी में चाय व्यापारी दीपांकर घोष को घुसपैठ कर आए 20 बांग्लादेशी उठा ले गए। ये सिर्फ नादिया या जलपाईगुड़ी का हाल नहीं है। बंगाल में बॉर्डर पर मौजूद भारत के आखिरी गांवों में लोग आएदिन ये सब झेल रहे हैं। सरकार बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल के इन इलाकों का हाल जानने दैनिक भास्कर की टीम 4 गांवों
बात 11 अगस्त की है, पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में रहने वाले सचिन कर्मकार और नारायण देव खेत में काम कर रहे थे। तभी बांग्लादेशियों का झुंड गांव में घुसा और दोनों को अगवा कर ले गया। इससे पहले 8 अगस्त को जलपाईगुड़ी में चाय व्यापारी दीपांकर घोष को घुसपैठ कर आए 20 बांग्लादेशी उठा ले गए। ये सिर्फ नादिया या जलपाईगुड़ी का हाल नहीं है। बंगाल में बॉर्डर पर मौजूद भारत के आखिरी गांवों में लोग आएदिन ये सब झेल रहे हैं। सरकार बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल के इन इलाकों का हाल जानने दैनिक भास्कर की टीम 4 गांवों
Source: Bhaskar
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