कुर्सी पर बैठना बन रहा खतरा, हर दिन 4-5 मामले:बिना दर्द के बढ़ रही स्लिप डिस्क, लकवे तक पहुंच रही, खराब पोश्चर भी है वजह
भोपाल की 19 वर्षीय ज्योति (बदला हुआ नाम) रोजाना लॉन टेनिस की प्रैक्टिस करती थी। फिटनेस अच्छी थी, लेकिन पढ़ाई और मोबाइल के कारण वह लंबे समय तक झुककर बैठती थी। धीरे-धीरे उसे कमर में हल्का दर्द और पैरों में झुनझुनी महसूस होने लगी। शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत बिगड़ गई। जांच कराने पर पता चला कि उसे एडवांस स्टेज का स्लिप डिस्क है, जिसमें नसों पर दबाव बन रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते इलाज नहीं होता तो यह केस पैरालिसिस तक जा सकता था। यह तो सिर्फ एक केस है। देश
भोपाल की 19 वर्षीय ज्योति (बदला हुआ नाम) रोजाना लॉन टेनिस की प्रैक्टिस करती थी। फिटनेस अच्छी थी, लेकिन पढ़ाई और मोबाइल के कारण वह लंबे समय तक झुककर बैठती थी। धीरे-धीरे उसे कमर में हल्का दर्द और पैरों में झुनझुनी महसूस होने लगी। शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत बिगड़ गई। जांच कराने पर पता चला कि उसे एडवांस स्टेज का स्लिप डिस्क है, जिसमें नसों पर दबाव बन रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते इलाज नहीं होता तो यह केस पैरालिसिस तक जा सकता था। यह तो सिर्फ एक केस है। देश
Source: Bhaskar
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