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कार में कूलेंट कम होने पर भी चलाते रहे गाड़ी तो इंजन हो सकता है पूरी तरह सीज; लाखों के भारी नुकसान से बचने के लिए जानिए ये बड़े संकेत और बचाव के उपाय

ऑटो डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: गर्मियों के मौसम में या लंबी दूरी के सफर पर निकलते वक्त अक्सर लोग कार के टायर, ब्रेक और पेट्रोल-डीजल की जांच तो कर लेते हैं, लेकिन इंजन कम्पार्टमेंट में मौजूद कूलेंट (Coolant) के स्तर पर ध्यान देना भूल जाते हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंजन ऑयल की तरह ही कूलेंट कार के इंजन की लाइफलाइन होता है। जब कार चलती है, तो इंजन के कंबशन चैंबर में ईंधन के जलने से अत्यधिक तापमान पैदा होता है। यदि कूलिंग सिस्टम में कूलेंट का स्तर न्यूनतम निशान (Min Mark) से नीचे चला जाए, तो

news india live17 Aug 2026, 03:07👁 0 views
कार में कूलेंट कम होने पर भी चलाते रहे गाड़ी तो इंजन हो सकता है पूरी तरह सीज; लाखों के भारी नुकसान से बचने के लिए जानिए ये बड़े संकेत और बचाव के उपाय
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ऑटो डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: गर्मियों के मौसम में या लंबी दूरी के सफर पर निकलते वक्त अक्सर लोग कार के टायर, ब्रेक और पेट्रोल-डीजल की जांच तो कर लेते हैं, लेकिन इंजन कम्पार्टमेंट में मौजूद कूलेंट (Coolant) के स्तर पर ध्यान देना भूल जाते हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंजन ऑयल की तरह ही कूलेंट कार के इंजन की लाइफलाइन होता है। जब कार चलती है, तो इंजन के कंबशन चैंबर में ईंधन के जलने से अत्यधिक तापमान पैदा होता है। यदि कूलिंग सिस्टम में कूलेंट का स्तर न्यूनतम निशान (Min Mark) से नीचे चला जाए, तो

Source: Ni News India

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