Breaking
अब नहीं बजेगा फोन पर इमरजेंसी अलर्ट! सरकार ने लगाई रोकPM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी आज भारत इनोवेट्स 2026 का करेंगे उद्घाटन, मैक्रों से भी होगी मुलाकातकुशीनगर में यूपीपीएससी जीआईसी प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा आज:6 केंद्रों पर 2894 अभ्यर्थी होंगे शामिल, प्रशासन अलर्टWeather Update | यूपी में बारिश से राहत, कई जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्टUP Weather Update: यूपी के 22 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, 70 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं,17 जून तक मानसून की दस्तक संभवMP News: NEET को लेकर अलर्ट मोड में मोहन यादव सरकार, क्या हैं तैयारियां?अब नहीं बजेगा फोन पर इमरजेंसी अलर्ट! सरकार ने लगाई रोकPM Modi France Visit LIVE: पीएम मोदी आज भारत इनोवेट्स 2026 का करेंगे उद्घाटन, मैक्रों से भी होगी मुलाकातकुशीनगर में यूपीपीएससी जीआईसी प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा आज:6 केंद्रों पर 2894 अभ्यर्थी होंगे शामिल, प्रशासन अलर्टWeather Update | यूपी में बारिश से राहत, कई जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्टUP Weather Update: यूपी के 22 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, 70 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं,17 जून तक मानसून की दस्तक संभवMP News: NEET को लेकर अलर्ट मोड में मोहन यादव सरकार, क्या हैं तैयारियां?
Business

इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ एआईपीईएफ का बड़ा ऐलान, देशव्यापी आंदोलन और “लाइटनिंग स्ट्राइक” की चेतावनी

लखनऊ। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा बताया है। बेंगलुरु में आयोजित फेडरल एग्जीक्यूटिव बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की गई। बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित बिल से बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ेगी, जिससे सार्वजनिक वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी और इसका

shishir patel14 Jun 2026, 02:11👁 0 views
Advertisement

लखनऊ। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरा बताया है। बेंगलुरु में आयोजित फेडरल एग्जीक्यूटिव बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की गई। बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित बिल से बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ेगी, जिससे सार्वजनिक वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी और इसका

Source: Tarun Mitra

Advertisement

Related News