आपका पैसा- ‘फाइनेंशियल मिनिमलिज्म’ का ट्रेंड:कम सामान, आसान जीवन, समझें इसके फायदे, जानें फालतू खर्चों को कैसे कंट्रोल करें
महीने की शुरुआत में सैलरी खाते में आते ही लगता है कि इस बार जरूर बचत होगी। लेकिन महीने के आखिर तक अकाउंट फिर खाली होता है। समझ ही नहीं आता कि पैसा आखिर कहां खर्च हो जाता है। कई बार आर्थिक परेशानियों की वजह कोई बड़ी खरीदारी नहीं, बल्कि रोज के अनियोजित खर्च होते हैं। सभी गैरजरूरी खर्चों को कंट्रोल करने को ‘फाइनेंशियल मिनिमलिज्म’ कहते हैं। इसमें बचत और निवेश को प्राथमिकता दी जाती है। इन्हीं गैरजरूरी खर्चों पर लगाम लगाने की सोच को 'फाइनेंशियल मिनिमलिज्म' कहते हैं। इसका मतलब कंजूसी करना नहीं, बल्कि ह
महीने की शुरुआत में सैलरी खाते में आते ही लगता है कि इस बार जरूर बचत होगी। लेकिन महीने के आखिर तक अकाउंट फिर खाली होता है। समझ ही नहीं आता कि पैसा आखिर कहां खर्च हो जाता है। कई बार आर्थिक परेशानियों की वजह कोई बड़ी खरीदारी नहीं, बल्कि रोज के अनियोजित खर्च होते हैं। सभी गैरजरूरी खर्चों को कंट्रोल करने को ‘फाइनेंशियल मिनिमलिज्म’ कहते हैं। इसमें बचत और निवेश को प्राथमिकता दी जाती है। इन्हीं गैरजरूरी खर्चों पर लगाम लगाने की सोच को 'फाइनेंशियल मिनिमलिज्म' कहते हैं। इसका मतलब कंजूसी करना नहीं, बल्कि ह
Source: Bhaskar
Related News

UP Fuel Price Today: यूपी में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव; गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले चेक कर लें तेल के लेटेस्ट रेट

सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की कार्य पूर्ण करने की तिथि संशोधन किये जाने के सम्बन्ध में।

देश की आजादी में अगस्त क्रांति की महत्वपूर्ण भूमिका
