Breaking
बड़ी खबर! CSAM, डीपफेक और ऑपरेटिंग सिस्टम एरर पर मेटा बैकफुट पर, मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफीKal Ka Mausam: दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में IMD का अलर्ट, उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश की चेतावनीKal Ka Mausam: दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में IMD का अलर्ट, उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश की चेतावनीUAE vs Canada Live Streaming: भारत में कब, कहां और कैसे देखें यूएई बनाम कनाडा ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 का मुकाबला?Monsoon Diet Alert : बारिश के दिनों में जानें क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज?उत्तराखंड में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, देहरादून समेत 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, स्कूल बंदबड़ी खबर! CSAM, डीपफेक और ऑपरेटिंग सिस्टम एरर पर मेटा बैकफुट पर, मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से मांगी माफीKal Ka Mausam: दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में IMD का अलर्ट, उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश की चेतावनीKal Ka Mausam: दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार तक 19 राज्यों में IMD का अलर्ट, उत्तराखंड में बेहद भारी बारिश की चेतावनीUAE vs Canada Live Streaming: भारत में कब, कहां और कैसे देखें यूएई बनाम कनाडा ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 का मुकाबला?Monsoon Diet Alert : बारिश के दिनों में जानें क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज?उत्तराखंड में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, देहरादून समेत 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, स्कूल बंद
Business

आजादी की एक लड़ाई ऐसी भी, अंग्रेजों के महंगे बिस्कुट को जवाब देने के लिए बना था देसी ब्रांड Parle-G

Parle-G Success Story : सुबह-शाम की चाय हो या ऑफिस का ब्रेक. पारले-जी के प्रोडक्ट बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक की पसंद बन चुके हैं. वैसे तो आपने भी पारले बिस्कुट बहुत बार खाया होगा, लेकिन कभी सोचा है कि इसका नाम पारले क्यों पड़ा. आजादी से पहले शुरू हुआ यह ब्रांड आज भी दमदार तरीके से अपना कारोबार कैसे कर रहा है, जबकि इस दौरान हजारों कंपनियां बनीं और खत्म हो गईं.

pramod kumar tiwari5 Aug 2026, 10:43👁 0 views
आजादी की एक लड़ाई ऐसी भी, अंग्रेजों के महंगे बिस्कुट को जवाब देने के लिए बना था देसी ब्रांड Parle-G
Advertisement

Parle-G Success Story : सुबह-शाम की चाय हो या ऑफिस का ब्रेक. पारले-जी के प्रोडक्ट बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक की पसंद बन चुके हैं. वैसे तो आपने भी पारले बिस्कुट बहुत बार खाया होगा, लेकिन कभी सोचा है कि इसका नाम पारले क्यों पड़ा. आजादी से पहले शुरू हुआ यह ब्रांड आज भी दमदार तरीके से अपना कारोबार कैसे कर रहा है, जबकि इस दौरान हजारों कंपनियां बनीं और खत्म हो गईं.

Source: News 18 Hindi

Advertisement

Related News