अहमदाबाद धमाकों के दोषियों की फांसी बरकरार, हाईकोर्ट ने कहा- समाज में आतंक फैलाने की मंशा थी बेहद भयावह
अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति ए.वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति समीर दवे की खंडपीठ ने कहा कि इस अपराध की साजिश बहुत व्यापक थी और समाज में आतंक फैलाने की मंशा के साथ बड़ी संख्या में निर्दोषों की हत्या जैसे कारक मृत्युदंड को पूरी तरह उचित ठहराते हैं। उच्च न्यायालय ने 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई आजीवन

अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति ए.वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति समीर दवे की खंडपीठ ने कहा कि इस अपराध की साजिश बहुत व्यापक थी और समाज में आतंक फैलाने की मंशा के साथ बड़ी संख्या में निर्दोषों की हत्या जैसे कारक मृत्युदंड को पूरी तरह उचित ठहराते हैं। उच्च न्यायालय ने 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई आजीवन
Source: Prabhasakshi
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