Breaking
LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?ये है India vs England 1st ODI मैच की टाइमिंग, LIVE Streaming का पता भी कर लीजिए नोटबिहार में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनीBihar: मिड-डे मील के दौरान बड़ा हादसा! बच्चों पर गिरी स्कूल की जर्जर छत, पांचवीं की छात्रा घायल; मची अफरा-तफरीLPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?LPG Users Alert: बदल सकता है गैस सिलेंडर खरीदने का तरीका, सरकार के नए प्लान से क्या होगा असर?ये है India vs England 1st ODI मैच की टाइमिंग, LIVE Streaming का पता भी कर लीजिए नोटबिहार में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनीBihar: मिड-डे मील के दौरान बड़ा हादसा! बच्चों पर गिरी स्कूल की जर्जर छत, पांचवीं की छात्रा घायल; मची अफरा-तफरी
Crime

अहमदाबाद धमाकों के दोषियों की फांसी बरकरार, हाईकोर्ट ने कहा- समाज में आतंक फैलाने की मंशा थी बेहद भयावह

अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति ए.वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति समीर दवे की खंडपीठ ने कहा कि इस अपराध की साजिश बहुत व्यापक थी और समाज में आतंक फैलाने की मंशा के साथ बड़ी संख्या में निर्दोषों की हत्या जैसे कारक मृत्युदंड को पूरी तरह उचित ठहराते हैं। उच्च न्यायालय ने 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई आजीवन

प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क14 Jul 2026, 04:14👁 0 views
अहमदाबाद धमाकों के दोषियों की फांसी बरकरार, हाईकोर्ट ने कहा- समाज में आतंक फैलाने की मंशा थी बेहद भयावह
Advertisement

अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति ए.वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति समीर दवे की खंडपीठ ने कहा कि इस अपराध की साजिश बहुत व्यापक थी और समाज में आतंक फैलाने की मंशा के साथ बड़ी संख्या में निर्दोषों की हत्या जैसे कारक मृत्युदंड को पूरी तरह उचित ठहराते हैं। उच्च न्यायालय ने 11 अन्य दोषियों को सुनाई गई आजीवन

Source: Prabhasakshi

Advertisement

Related News